हैलो रायपुर
Hello Raipur
Reflection of Chhattisgarh
Home कायदे कानून जानकारिया

उपभोक्ता संरक्षण के नियम


भारत को शोषण रहित राष्ट्र बनाना प्रत्येक नागरिक का कर्त्तव्य है। भौतिकवाद युग में ऐसा करना कठिन तो है लेकिन असंभव नहीं। आज आवश्यकता ये है कि उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों और कर्त्तव्यों के प्रति सचेत किया जाए। जागरूक उपभोक्ता सफल उपभोक्ता होता है। वही शोषण मुक्त समाज की रचना कर सकता
है।

प्रत्येक व्यक्ति उपभोक्ता है। उसे अपने जीवन यापन के लिए सुख सुविधाओं की जरूरत है। वह वस्तुओं को खरीदता है या दाम दे कर किराए पर या सर्विस प्राप्त करता है। देश का नागरिक होने के नाते भी वह विशेष सुविधओं को प्राप्त करने का अधिकारी है। यदि उसके हितों की रक्षा न हो रही हो तो वह उपभोक्ता संरक्षण
अधिनियम के अधीन उसे प्राप्त कर सकता है। हर देश ने अपने उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए नियम बनाए है और विश्व भर में 15 मार्च को विश्व उपभोक्ता दिवस मनाया जाता है।

भारत में सामाजिक अन्याय, आर्थिक विषमता अनैतिकता, भेदभाव और राजनीतिज्ञ अपराधीकरण जैसे कुरीतियों के समाधान के लिए पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी ने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए 24 दिसंबर 1986 को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम संसद में पास करवाया। इसी कारण प्रत्येक वर्ष 24 दिसंबर को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस और 15 मार्च को विश्व उपभोक्ता दिवस मनाया जाता है। 1986 के बाद 1991, 1993 और 2002 में इस अधिनियम में कुछ संशोधन किए गए।

अधिनियम के अनुसार इस समय जिला मंच में बीस लाख, राज्य आयोग में एक करोड़ तक और इससे अधिक राशि की क्षतिपूर्ति के लिए राष्ट्रीय आयोग का सहारा लिया जा सकता है। प्रत्येक उपभोक्ता को अपने कल्याण हेतु, समाज व राष्ट्र की स्थिरता अर्थव्यवस्था को सुढ़ और विकासशील बनाने के लिए अपने अधिकारी और
कर्त्तव्यों का ज्ञान होना अति आवश्यक है। अधिनियम की मुख्य विशेषताएं हैं :
1. यह सभी वस्तुओं और सेवाओं के लिए लागू होता है जब तक कि केन्द्र सरकार द्वारा विशेष छूट न दी जाए।

2. इसमें सभी क्षेत्र शामिल होते हैं चाहे वह निजी, सरकारी और सहकारी या कोई व्यक्ति हो अधिनियम के प्रावधान प्रतिपूरक तथा रोधी एवं दंडात्मक प्रकृति के है।

3. इसमें उपभोक्ताओं के लिए निम्नलिखित अधिकार अंतरनिहित हैं -

* ऐसे वस्तुओं और सेवाओं के विपरण के विरूद संरक्षण का अधिकार जो जान और माल के लिए खतरनाक है।

* वस्तुओं और सेवाओं की गुणवत्ता मात्रा, क्षमता, शुद्धता, स्तर और कीमत के बारे में सूचना का अधिकार ताकि छल कपट व्यापार प्रचलन से उपभोक्ताओं की रक्षा की जा सके।

* जहां कहीं भी संभव हो बीमित होने का अधिकार प्रति स्पर्धात्मक कीमत पर विभिन्नकिस्मों की वस्तुओं और सेवाओं की पहुंच।

* सुनवाई का अधिकार और वह आश्वासित होने का अधिकार कि उपभोक्ता के हितों पर उपभुक्त मंच पर विधिवत रूप से विचार किया जाएगा।

* कपटी व्यापार या उपभोक्ताओं के अविवेकपूर्ण शोषण के विरूद्ध समाधान का अधिकार और उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार।

अधिकारों के साथ-साथ कर्त्तव्यों का ज्ञान होना भी जरूरी।

1. वस्तु खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता और मूल्य की पूरी जानकारी।
2. झूठे और भ्रामक विज्ञापनों से सावधानी।

3. आईएसआई, एगमार्क और भरोसेमंद कंपनियों की वस्तुओं की खरीद।

4. खरीद की रसीद प्राप्ति। गारंटी-वारंटी कार्ड हो तो वह लेना न भूलें।

5. दोष पूर्ण वस्तु, अधिक मूल्य या त्रुटि पूर्ण सेवाओं के विरुद्ध जिला मंच, राज्य और राष्ट्रीय आयोग में शिकायत दर्ज करवाएं।

Tags :
General Rules Cricket Rules Legal Rules General Information Should Know Must Kkow Rulesकायदे कानून जानकारिया उपभोक्तासंरक्षणनियम

भारतीय संविधान इतिहास राम के सेतु का बनाम सेतुसमुद्रम Property Market Raipur मानहानि का दावा क्या है? और कैसे न्यायालय में प्रस्तुत किया जा सकता है? जाने क्या हैं पावरप्ले के नियम विमान यात्रा के दौरान थर्मोमीटर रखना क्यों होता है वर्जित? हमारी ३ जी से पहले आ गई उनकी ४ जी प्रॉपर्टी ट्रांसफर से पहले जानें उसके कायदे-कानून म्यूचूअल फंड : प्राथमिक जानकारी कम्प्यूटर छेड़ने वाले सावधान!! कानून को जानिये : अधिवक्ता अधिनियम 1961 के अंतर्गत अधिवक्ताओं का आचरण सूचना का अधिकार : आप अवश्य उपयोग करें उपभोक्ता संरक्षण के नियम जानिए इंटरनेट बैंकिंग के बारे में एटीएम का उपयोग करते समय ध्यान दे। Hockey ke Niyam डकवर्थ लुईस नियम Know about human rights commission फुटबाल के नियम की जानकारी वसीयत की नसीहत: क्या करें, कैसे करें
1 | 2 |
Contact Us | Sitemap Copyright 2007-2012 Helloraipur.com All Rights Reserved by Chhattisgarh infoline || Concept & Editor- Madhur Chitalangia ||