हैलो रायपुर
Hello Raipur
Reflection of Chhattisgarh
Home बेहतरीन रचना बेहतरीन लेखक

मीडिया के लिए मानदंड


सुप्रीम कोर्ट ने विचाराधीन मामलों की रिपोर्टिग के संदर्भ में बहस का दायरा बढ़ाते हुए अब अपराध, सेक्स और हिंसा से संबंधित मामलों को भी इसमें शामिल कर लिया है।
कोर्ट पहले से इस मुद्दे पर सुनवाई कर रहा है कि क्या अदालत की कार्यवाही की रिपोर्टिग के बारे में कोई दिशा-निर्देश तय किए जाने चाहिए? प्रधान न्यायाधीश जस्टिस एसएच कापड़िया के नेतृत्व वाली संविधान बेंच की टिप्पणियों से संकेत मिलता है कि अदालत ऐसे दिशा-निर्देशों की जरूरत महसूस करती है, जिससे किसी आरोपी को मुकदमा पूरा होने के पहले ही दोषी ठहरा देने, अत्यधिक रिपोर्टिग या चर्चा से न्यायिक कार्यवाही को प्रभावित करने, संबंधित पक्षों की निजता में घुसपैठ आदि जैसी प्रवृत्तियां रोकी जा सकें।
अच्छी बात है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपनी बात रखने को इच्छुक हर पक्ष के लिए हस्तक्षेप के दरवाजे खुले रखे हैं। यह एक बेहद महत्वपूर्ण मसला है, जिसका संबंध प्रेस एवं अभिव्यक्ति की आजादी से है, जो लोकतंत्र की मूल आत्मा हैं। मीडिया के बारे में ऐसी कोई गाइडलाइन बनाए जाने का दूरगामी असर होगा। अगर ऐसे दिशा-निर्देश तय हुए तो मुमकिन है कि राज्य-व्यवस्था के दूसरे अंग भी ऐसे कदम उठाने के लिए प्रेरित हों। इस सिलसिले में यह विचारणीय है कि अतीत में अपने कई फैसलों में खुद सुप्रीम कोर्ट ने कुछ अपवादों को छोड़कर खुली सुनवाई एवं कार्यवाही के अबाधित प्रकाशन के पक्ष में व्यवस्था दी है।
जजों ने कहा है कि सुनवाई के प्रचार से लोगों में भरोसा पैदा होता है कि न्याय सही ढंग से किया गया। यह भी ध्यानार्थ है कि अखबारों की रिपोर्टिग इतिहास के दस्तावेज के बतौर मौजूद रहती है। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए किसी दौर में कोर्ट के सामने आए संवैधानिक एवं अन्य मामलों को जानने का स्रोत होती है। ये बातें लोकतंत्र की सेहत से अभिन्न रूप से जुड़ी हैं। इसलिए इस मामले में सतर्कता की आवश्यकता है। बहरहाल, मीडिया आत्म-अनुशासन बरते, यह भी जरूरी है। आखिर कोर्ट आज इसीलिए इस मुद्दे पर विचार कर रहा है, क्योंकि मीडिया के एक हिस्से ने यह अनुशासन तोड़ा है।

Tags :
ब्लॉगचर्चा ब्लॉग साहित्य रचनाकार रवीन्द्र व्यास नेट कविता नज्में गीत हिंदी साहित्य ब्लॉगर कहानी कवयित्री उपन्यास blog charcha blog literature rachanakaar ravindra vyas net story poem poetry novelमीडियालिएमानदंड

धूम्रपान समय से पहले ले जाता है मौत के दरवाजे पर - सुनीता केशरवानी 'जो प्यार से नहीं मानते उन्हें डराना पड़ता है' मीडिया के लिए मानदंड क्रिकेट पर बड़ा दांव जरदारी की जियारत सावधान इंटरनेट पर सीआईए आपकी जासूसी कर रहा है आजम को निपटाना चाहते हैं मुलायम ! इसलिए गायब हैं यूपी से क्षत्रप! काले कर्मों वाले बाबा पिट गई गुरु चेले की जोड़ी , गांधी परिवार के करिश्मे पर लगा प्रश्न चिन्ह ? सुप्रीम कोर्ट का विचित्र फैसला जाने अखिलेश यादव की कुशल रणनीति जिससे उन्होंने विरोधियों को चटाई धूल जयललिता : एक सफल अभिनेत्री और कद्दावर नेता नेताजी की नजरें 7, रेसकोर्स पर कांग्रेस के लिए कठोर हो गए हैं मुलायम लापरवाह सरकार के भरोसे सवा सौ करोड़ हिन्दुस्तानी! व्यंग्‍य/ क्या मैं तुम्हें सोनिया गांधी लगता हूं? बहनजी का हिसाब ज्यों का त्यों फिर बसपा सरकार डूबी क्यों ? इक़बाल हिंदुस्तानी स्मृति शेष — जंग ए आज़ादी के गुमनाम सेनानी अरविन्द विद्रोही 100 करोड़ का प्रेम मंदिर By visfot news network 15/02/2012 15:02:00
1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
Contact Us | Sitemap Copyright 2007-2012 Helloraipur.com All Rights Reserved by Chhattisgarh infoline || Concept & Editor- Madhur Chitalangia ||